रेगुलर क्लास और स्किल डेवलपमेंट से ही कॉर्पोरेट हॉस्पिटल्स में खुलेंगे सुनहरे अवसर: डॉ.आर श्रीधर
रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (केटीयू) में आज नव-प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए 'दीक्षरंभ' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ताओं ने विद्यार्थियों को अकादमिक अनुशासन, कॉर्पोरेट जगत की मांग और बदलते हेल्थकेयर सेक्टर में रोजगार के नए अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में केटीयू और कलिंगा यूनिवर्सिटी के बीच एमओयू साइन किया गया और संसाधनों के साझा उपयोग पर भी जोर दिया गया।
अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए केटीयू के कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने कोलेब्रेशन और कोऑपरेशन के महत्व को समझाते हुए संसाधनों के सही उपयोग पर बल दिया। उन्होंने भगवान गणेश को एक बेहतरीन प्रबंधक बताते हुए उनके जीवन से प्रबंधन के मूलमंत्र साझा किए। उन्होंने कहा कि बड़ा सिर बड़ी सोच को इंगित करता है, जबकि "उनका कान बड़ा है, जो बताता है कि सब कुछ सुनो, निंदा भी और प्रशंसा भी। गणेशजी का बड़ा सिर बड़ी सोच को इंगित करता है, जबकि छोटे कान 'कम बोलो, ज्यादा सुनो' और 'सूक्ष्म अवलोकन' का संदेश देते हैं। विद्यार्थियों को परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने, लचीलापन रखने, सुनकर उसे अपने तक ही रखने की क्षमता और स्मार्ट वर्किंग पर विशेष ध्यान देना चाहिए। शिक्षा केवल सब्जेक्ट-ओरिएंटेड नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण करने वाली होनी चाहिए।
इस दीक्षारंभ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के बतौर उपस्थित कलिंगा यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. आर. श्रीधर ने 'हेल्थकेयर मार्केटिंग एंड इमर्जिंग ट्रेंड्स' विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि अच्छे प्लेसमेंट और करियर में सफलता के लिए नियमित क्लास आना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक डॉक्टर अस्पताल में बेहतरीन इलाज कर सकता है, लेकिन अस्पताल का प्रबंधन और प्रॉफिट मैनेज करना मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स का काम है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए हेल्थ केयर मैनेजमेंट कोर्स शुरू किया गया है। उन्होंने नव प्रवेशित विद्यार्थियों को बताया कि निकट भविष्य में भारत में कई विदेशी मल्टीनेशनल हॉस्पिटल कंपनियां आने वाली हैं, जिससे ढेरों नौकरियां पैदा होंगी। इसके लिए विद्यार्थियों को अपनी स्किल्स बढ़ानी होंगी। भारत में मेडिकल टूरिज्म की भारी मांग है, जिससे सबसे अधिक रेवेन्यू जनरेट होता है। कॉर्पोरेट सेक्टर में हमेशा क्वालिफाइड और कमिटेड लोगों की भारी डिमांड रहती है।
केटीयू के कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा ने नव प्रवेशित विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शिक्षकों के साथ लगातार इंटरैक्ट करें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अपनी स्किल्स को एन्हांस करना ही इंडस्ट्री की डिमांड और सप्लाई के बीच के गैप को पाटने का मुख्य जरिया है। विद्यार्थियों को जॉब प्रोफाइल के अनुसार अपना एटीट्यूड भी डेवलप करना होगा। कुलसचिव ने दीक्षारंभ के इस अवसर पर केटीयू और कलिंगा यूनिवर्सिटी के संसाधनों को आपस में साझा करने और आपसी सहयोग की प्रतिबद्धता जताई गई।
ज्ञातव्य है कि दीक्षारंभ कार्यक्रम आरंभ में संयोजक डॉ. आशुतोष मांडवी ने अपने स्वागत उद्बोधन में नव प्रवेशित विद्यार्थियों को यूनिवर्सिटी की समस्त आधुनिक सुविधाओं की जानकारी दी। इस कार्यक्रम का संचालन शिक्षक डॉ. केशव सिंह राठौर ने किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में ऑफ्ट विश्वविद्यालय के डॉ. सोमनाथ साहू बतौर मौजूद रहे। वहीं डॉ. पंकज नयन पांडेय, डॉ. शैलेन्द्र खंडेलवाल, डॉ. शाहिद अली, डॉ. राजेंद्र मोहंती और डॉ. नृपेंद्र शर्मा सहित सभी अतिथि प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।



