महामण्डलेश्वर स्वामी श्री कालिदास महाराज ने केटीयू में
"आधुनिक जीवन में अध्यात्म का महत्व" पर दिया व्याख्यान
रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में दीक्षारंभ के तृतीय सत्र में ‘आधुनिक जीवन में अध्यात्म’ विषय पर स्वामी श्री कालिदास जी महाराज ने विशेष व्याख्यान दिया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति मनोज दयाल ने अध्यक्षीय उद्बोधन में नव-प्रवेशित विद्यार्थियों को आधुनिक जीवन में उच्च संस्कारों, नैतिक मूल्यों और शिक्षा के साथ अध्यात्म को जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि के रूप में पधारे महामण्डलेश्वर स्वामी श्री कालिदास जी महाराज ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि जीव परमात्मा का एक अंश है। "लिविंग गॉड" माता-पिता हैं, और जो अपने माता-पिता को पहचान लेता है, वह परमात्मा को पहचान लेता है। उन्होंने विद्यार्थियों को मातृ-पितृ सेवा, सत्कार और सम्मान सीखने का संदेश दिया। स्वामी जी ने कहा कि अतिथि का आदर-सत्कार और आचार्य का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। सुख के क्षण क्षणिक होते हैं, जबकि दुख के समय माता-पिता और भाई-बहनों की याद आती है। ईश्वर का नाम स्मरण करते हुए कर्म करने से ही जीवन में सफलता मिलती है।
उन्होंने ज्ञान और शिक्षा के महत्व को समझाते हुए कहा कि ज्ञान बांटने से बढ़ता है। ज्ञान और शिक्षा को सत्कर्म तथा सद्भावना के साथ बांटना चाहिए। अपने कर्म का अभिमान करने से व्यक्ति का पतन हो जाता है, इसलिए हमेशा विनम्र रहकर जीना चाहिए। समुद्र की तरह ज्ञानी होने पर भी झुकना और अपने कर्मों को मजबूत रखना चाहिए। विद्यार्थियों के जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए स्वामी श्री कालिदास जी ने कहा कि धर्म और मानवता में से यदि देश को बचाना है, तो यह याद रखना चाहिए कि यदि मानवता नहीं रहेगी, तो धर्म भी सुरक्षित नहीं रहेगा। दान हमेशा सुपात्र को देखकर ही करना चाहिए, कुपात्र को नहीं। गुप्त दान से बड़ा कोई दान नहीं है। उन्होंने अपने संबोधन में आयुर्वेद के महत्व पर भी प्रकाश डाला और कहा कि दया और करुणा ही सच्चे मनुष्य की पहचान है।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. आशुतोष मांडवी और मंच संचालन डॉ. चैताली पांडेय ने किया। मुख्य अतिथि का परिचय विद्यार्थी सुषमा अग्रवाल ने किया।कार्यक्रम में डॉ. शैलेन्द्र खंडेलवाल, पंकज नयन पांडे, डॉ राजेन्द्र मोहन्ती, सभी प्राध्यापक, अतिथि प्राध्यापक, बड़ी संख्या में नव-प्रवेशित विद्यार्थी के अलावा नवदीप दलाल और सौरभ मिश्रा का विशेष उपस्थित रहे।

