विश्वविद्यालय की शिक्षा व शोध में हो गुणात्मक एवं गणात्मक विस्तार: कुलपति प्रो. मनोज दयाल
रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में नियुक्त कुलपति प्रो.मनोज दयाल ने पद भार ग्रहण करने के बाद विवि के सभी प्राध्यापकों और अतिथि व्याख्याताओं की बैठक ली। बैठक में उन्होंने विवि के सभी शिक्षकों से शैक्षणिक गतिविधिवों और पाठ्यक्रमों से सबंधित जानकारी लेते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की शिक्षा शोध में गुणात्मक और गणात्मक दोनों प्रकार का विस्तार होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और तकनीकी परिवर्तन तेजी से हो रहे हैं। ऐसे में विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वे विद्यार्थियों को बेहतर ज्ञान, कौशल और शोध के अवसर उपलब्ध कराएं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में मीडिया और संचार के
क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। इसके चलते हमे भी बदलते मीडिया परिदृश्य को देखते हुए विश्वविद्यालयों को
शिक्षा, शोध और प्रशिक्षण के स्तर पर निरंतर नवाचार करना
होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को
डिग्री देना नहीं, बल्कि उन्हें मीडिया जगत की
चुनौतियों के अनुरूप दक्ष, जिम्मेदार और संवेदनशील
पेशेवर के रूप में तैयार करना है। इसके लिए पाठ्यक्रमों को समयानुकूल बनाने और
व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जाये। साथ ही विश्वविद्यालय में नए
पाठ्यक्रमों, शोध परियोजनाओं और आधुनिक
सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जाये ।
प्रो. दयाल ने विशेष रूप से कहा
कि विश्वविद्यालय में शोध की गुणवत्ता बढ़ाने पर कार्य किया जाये। बेहतर शोध वातावरण, मार्गदर्शन और संसाधनों के माध्यम से शोधार्थियों को
प्रोत्साहित किया जाये, ताकि पत्रकारिता और जनसंचार
के क्षेत्र के लिए उपयोगी, समाजोपयोगी व गुणवतापूर्ण शोध सामने आ सकें। कुलपति ने
कहा कि विश्वविद्यालय में नैक ग्रेडिंग
की तैयारी को लेकर भी कार्य किया जाये।
इसके लिए अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के अनुभवों और मानकों का अध्ययन करते हुए
आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जाए, ताकि विश्वविद्यालय बेहतर
शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ उत्कृष्ट ग्रेड प्राप्त कर सके। उन्होंने शिक्षकों से इस
दिशा में सक्रिय सहयोग देने को कहा।
उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया संस्थानों के साथ कोलैबरेशन को
बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव मिल सके। साथ ही विद्यार्थियों के लिए
इंटर्नशिप
और प्लेसमेंट के अवसर बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाये, जिससे उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ मीडिया उद्योग से जुड़ने और करियर बनाने में मदद
मिल सके।
इस संदर्भ में कुलपति ने
विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों एवं अतिथि प्राध्यापकों के साथ विस्तृत चर्चा की।
बैठक में शिक्षण की गुणवत्ता, नए पाठ्यक्रमों की
संभावनाओं, शोध गतिविधियों के विस्तार
तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। कुलपति ने शिक्षकों से सुझाव भी
आमंत्रित किए और कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र
में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है। कुलपति ने विश्वास व्यक्त किया कि
शिक्षकों, विद्यार्थियों और प्रशासन के सामूहिक प्रयास से
विश्वविद्यालय पत्रकारिता एवं जनसंचार शिक्षा के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल
करेगा।


